LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंट्रेंडिंगदेशप्रदेशरायपुर

कलेक्टर को ‘उत्कृष्ट विकास’ का पुरस्कार, लेकिन राजमेरगढ़ में विकास खुद गुमशुदा___

कलेक्टर को ‘उत्कृष्ट विकास’ का पुरस्कार, लेकिन राजमेरगढ़ में विकास खुद गुमशुदा___

रायपुर/राजमेरगढ़ : – छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में शामिल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम), जो राज्य का 28वां जिला है, को हाल ही में उत्कृष्ट पर्यटन विकास के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार मिला है। 27 सितंबर, विश्व पर्यटन दिवस पर रायपुर में आयोजित समारोह में कलेक्टर ने यह सम्मान ग्रहण किया लेकिन सवाल उठ रहा है कि जिस राजमेरगढ़ के नाम पर यह पुरस्कार मिला, वहाँ विकास दिखाई क्यों नहीं देता…..?

ये खबर भी पढ़ें…
एडमिशन विवाद के बाद सक्रिय हुआ शिक्षा विभाग, जिला अस्पताल पहुंचे DEO रजनीश तिवारी, बीमार छात्र का जाना हालचाल
एडमिशन विवाद के बाद सक्रिय हुआ शिक्षा विभाग, जिला अस्पताल पहुंचे DEO रजनीश तिवारी, बीमार छात्र का जाना हालचाल
June 22, 2026
एडमिशन विवाद के बाद सक्रिय हुआ शिक्षा विभाग, जिला अस्पताल पहुंचे DEO रजनीश तिवारी, बीमार छात्र का जाना हालचाल बच्चे...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

देखें वीडियो____वीरान राजमेरगढ़ 

कागज़ों में स्वर्ग, ज़मीन पर वीरान राजमेरगढ़ : – 

ये खबर भी पढ़ें…
कोटमीकला ज्वेलरी व्यवसायी हत्याकांड में बड़ी सफलता: झारखंड से चांदी खरीददार गिरफ्तार, 1157 ग्राम चांदी बरामद
कोटमीकला ज्वेलरी व्यवसायी हत्याकांड में बड़ी सफलता: झारखंड से चांदी खरीददार गिरफ्तार, 1157 ग्राम चांदी बरामद
June 22, 2026
कोटमीकला ज्वेलरी व्यवसायी हत्याकांड में बड़ी सफलता: झारखंड से चांदी खरीददार गिरफ्तार, 1157 ग्राम चांदी बरामद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के कोटमीकला...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पुरस्कार जिस टूरिज्म साइट 2025 के लिए दिया गया, वह स्थल आज भी अधूरे कामों और उपेक्षा की मिसाल है। राजमेरगढ़ की तलहटी में टूटी सड़कों, अधूरे भवनों और बिखरी निर्माण सामग्री के बीच लोग कह हैं फाइलों में यहाँ स्वर्ग बना दिया गया, पर ज़मीन पर बस वीरानी है। स्थानीय का कहना है कि न सड़क पूरी हुई, न ठहरने की व्यवस्था, न कोई ईको-टूरिज्म ढांचा। यहाँ तक कि मूलभूत सुविधाएँ भी गायब हैं।

रमन से भूपेश तक , एक कहानी : – 

ये खबर भी पढ़ें…
सुख दुःख और विपत्तियों में एक सच्चे मित्र की पहचान होती है: व्यास अशोककृष्ण महाराज
सुख दुःख और विपत्तियों में एक सच्चे मित्र की पहचान होती है: व्यास अशोककृष्ण महाराज
June 22, 2026
सुख दुःख और विपत्तियों में एक सच्चे मित्र की पहचान होती है: व्यास अशोककृष्ण महाराज ""वन पूर्णाहुति भंडारा प्रसाद के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

राजमेरगढ़ का विकास पहली बार रमन सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था, जब इसे मिनी अमरकंटक बनाने के नाम पर करोड़ों का बजट स्वीकृत हुआ। पर नतीजा अधूरे ढांचे, टूटे मोटेल, और आज जंगल के बीच खड़े कंक्रीट के खंडहर। फिर भूपेश बघेल सरकार आई।पूर्व मुख्यमंत्री खुद यहाँ पहुँचे और प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखते हुए ईको-टूरिज्म के लिए 7 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत किया।

सड़क की स्थिति_______

लेकिन यहाँ भी कंक्रीट का जंगल ही खड़ा हुआ और वह भी अधूरा।

एनजीटी के आदेश की अनदेखी : – 

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि राजमेरगढ़ जैसे संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्र में कंक्रीट निर्माण नहीं होगा।बावजूद इसके, नियमों की अवहेलना करते हुए यहाँ करोड़ों की परियोजनाएँ शुरू की गईं, जो अब अधूरी और निष्प्राण पड़ी हैं।

कलेक्टर को पुरस्कार, जनता पूछ रही क्यों?

राजधानी में जब मंच से उत्कृष्ट विकास का पुरस्कार ग्रहण हुआ, उसी वक्त राजमेरगढ़ की पहाड़ियों से आवाज़ उठी क्या यह पुरस्कार जनता की उम्मीदों से बड़ा है? क्या अधूरा विकास ही उत्कृष्टता कहलाएगा? जहाँ भ्रष्टाचार और लापरवाही की जांच होनी चाहिए थी, न कि उन्हीं योजनाओं के लिए सम्मान।

भूमाफिया सक्रिय, प्रशासन मौन

राजमेरगढ़ की भूमि अब रायपुर – बिलासपुर तक के भूमाफियाओं की निगाह में है। अवैध कब्जे और पेड़ों की कटाई की शिकायतें लगातार आ रही हैं, लेकिन जिला प्रशासन पुरस्कारों में व्यस्त है, निगरानी में नहीं।

विकास दिखे, तभी पुरस्कार सही कहलाए”

राजमेरगढ़ में जो दिखता है, वह काग़ज़ों से बिल्कुल उलट है। करोड़ों के बजट के बाद भी यहाँ न सड़क पूरी हुई, न पर्यटन ढांचा, और न ही पर्यावरणीय सुधार।नपुरस्कार मिल गया, पर अब भी जनता का सवाल गूंज रहा है 

विकास कहाँ….?

Back to top button
error: Content is protected !!